6 आसान कदम प्लास्टिक प्रदूषण को मात देने के लिए

Beat Plastic Pollution Hindi

“प्लास्टिक प्रदूषण एक महामारी बन गया है।”

“हर साल, हम पृथ्वी को चार बार घेरने के लिए पर्याप्त प्लास्टिक को फेंक देते हैं। उस कचरे में से अधिकांश केवल कचरें के रूप में नहीं जमा होता हैं, बल्कि यह महासागरों में आ जाता है, जहां यह हर साल दस लाख समुद्री पक्षी और 100,000 समुद्री स्तनधारियों को मारने के लिए ज़िम्मेदार है।

हमारे ग्रह को स्वच्छ और सुरक्षित करने के लिए, यह पुनर्विचार करने का समय है कि हम प्लास्टिक का उपयोग कैसे करते हैं। ”

भारत, फिलहाल, प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए अपनी सारी ताकत के साथ जूझ रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए यह सक्षम नहीं है।

प्लास्टिक प्रदूषण समुद्री वन्यजीव को नष्ट करने और बंजर भूमि के वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत हर दिन 15,000 टन प्लास्टिक कचरे का उत्पादन करता है, जिसमें से 6,000 टन को एक जगह पर जमा नहीं किया जाता और यह कूड़ा करकट सड़क और सभी जगहों पर बिखरा हुआ रहता हैं।

हालांकि प्लास्टिक निर्विवाद रूप से उपयोगी, टिकाऊ और किफायती है, लेकिन पर्यावरण पर इस व्यापक, प्राकृतिक तरीके से न सड़ने वाले मटेरियल का प्रभाव सदियों तक रहेगा। यहां पर कुछ बाते हैं, जो आपको प्लास्टिक के बारे में पता होनी चाहिए और इससे आप इस प्रॉब्‍लम को सॉल्‍व करने के लिए सकारात्मक बना सकते हैं।

 

1) अपनी खुद की बोतल का इस्तेमाल करें:

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हर मिनट में केवल एक बार उपयोग किए जाने वाली प्लास्टिक की पीने की बोतलें खरीदी जाती हैं। हालांकि अधिकांश को रीसाइकल किया जा सकता है, लेकिन इनमें से कई कचरें या महासागरों में जमा हो जाते हैं।

आप के साथ हमेशा एक फिर से भरी जा सकने योग्य बोतल ले जाने की आदत डालो और इससे आप पैसे और पर्यावरण दोनों को बचाएंगे।

 

2) एक ही बार इस्तेमाल होने वाले कॉफी कप को छोड दो:

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99% टेकवे कॉफी कप रीसाइकिल नहीं होते, तो वे कहाँ जाते हैं? कचरे में।

आपको कोई भी यह सलाह नहीं दे रहा हैं कि अपनी चाय या कॉफी को छोड दें,  लेकिन कुछ विकल्प हैं जिन्हें आप आजमा सकते हैं।

अपने साथ अपने कप को भी साथ रखे, जिससे आप अपने पर्यावरण को बचा सकते हैं।

 

3) जूट की बैग या कपड़े की बैग का इस्तेमाल करें:

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अनुमान हैं कि हर मिनट में 1 मिलियन प्लास्टिक बैग इस्तेमाल होते हैं, और एक प्लास्टिक बैग को नष्ट होने के लिए 1,000 साल लग सकते हैं।

आप जानते हैं कि आप हर दूसरे सप्ताह किराने की खरीदारी से बच नहीं सकते हैं। लेकिन शॉपिंग करने के बाद हम चीजें प्‍लास्‍टीक की बैग में घर पर ले आते हैं। इसलिए अपनी खुद की शॉपिंग बैग को सुपरमार्केट में लाए। प्लास्टिक बैग का उपयोग करने के बजाय इन कामों के लिए आपके साथ एक कपड़े या जूट की बैग रखें।

 

4) प्लास्टिक स्ट्रॉ को छोड़ें:

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प्लास्टिक के स्ट्रॉ दुनिया भर में पाए जाने वाले समुद्री के प्लास्टिक कचरे में सबसे ज्यादा पाया जाता हैं, और वे आमतौर पर रिसाइकिल नहीं होते।

इसलिए इसके आगे जब भी आप स्टारबक्स और मैकडॉनल्ड्स जैसे रेस्तरां, कैफे और भोजनालयों पर जाएं तो इसे मना कर दे और प्‍लास्‍टीक के प्रति जागरूकता के आंदोलन में मदद करें।

यदि आप स्ट्रॉ का उपयोग करने के लिए बेताब हैं, तो अपना खुद का ले जा सकते हैं। आजकल धातु और बांस के स्ट्रॉ भी आते  हैं और वे अब अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध हो रहे हैं।

 

5) भगवान के नाम पर नदियों में पॉलीबैग फेंकना बंद करो

ऐसे कई लोग हैं जो पूजा करने के बाद अपने आस-पास की नदियों में प्लास्टिक पॉलीबैग में लिपटे फूल, भोजन, नारियल फेंकते हैं। यह कुछ प्रमुख कारणों में से एक है कि यमुना नदी कुछ दशकों में इतनी भारी प्रदूषित हो गई है।

तो क्या आपको सच में लगता हैं इस तरह से अपनी नदियों को गंदा करके भगवान खुश होगा?

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6) Microbeads से बचें:

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Microbeads छोटे प्लास्टिक कण होते हैं जो सौंदर्य प्रसाधन, साबुन और अन्य व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों में आम हैं।

पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर उनका प्रभाव बहुत बड़ा है क्योंकि वे आसानी से समुद्र तक पहुंच सकते हैं और मानव खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर सकते हैं।

माइक्रोबायड्स के साथ बने सौंदर्य प्रसाधन और व्यक्तिगत स्वच्छता उत्पादों से बचें। माइक्रोबैड्स, एक प्रकार का माइक्रोप्‍लास्टिक होता हैं, जो आपके टूथपेस्ट में छोटे डॉट के रूप में होते हैं, और चेहरे की स्क्रब में भी होते हैं। नए शोध से पता चलता है कि माइक्रोबैड्स से समुद्री जीवन को बहुत ही नुकसान पहुंचाया है, जिससे मानव स्वास्थ्य के लिए संभावित नुकसान होता है। सिंथेटिक माइक्रोफाइबर वाले कपड़ों को मत खरीदें। अक्सर जब इन वस्तुओं को धोया जाता है, तो वे पानी में माइक्रोफाइबर को छोड़ देते हैं, जो महासागरों तक जाते और फिर मछली और इन्हें अन्य समुद्री जीवों द्वारा खाया जा सकता है।

प्लास्टिक की कटलरी को भी इनकार करें।

इस समस्या से निपटने के लिए हम और क्या कर सकते हैं? अपने विचारों को शेयर करें।

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