एक जमाने में इटली का “शर्म का शहर” कैसे बना युरोप की सांस्कृतिक राजधानी

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Matera City in Hindi -

Matera City in Hindi

इटली कला, वास्तुकला, फैशन, ओपेरा, साहित्य, डिजाइन, और फिल्म की दुनिया में अपने विशाल योगदान के लिए प्रसिद्ध है – सूची तो बहुत लंबी है और हमने अभी तक यहां के भोजन का उल्लेख तक नहीं किया है।

पिज्जा इटली की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में से एक हो सकता है लेकिन वास्तव में इसका कोई एक स्‍टैंडर्ड, राष्ट्रीय पिज्जा नुस्खा नहीं है। संभवत:सबसे प्रसिद्ध पिज्जा नैपोलेटाना है जिसमें नरम, चटनी वाला आटा और प्रमुख क्रस्ट होता है। डेस्टिनेशन पिज़्ज़ा-मेकिंग इतनी अनूठी है कि इसे यूनेस्को द्वारा एक अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।

लेकिन इटली का एक और खास आकर्षण हैं – गुफाओं का शहर मटेरा।

मटेरा की गुफाओं में आप बहुत समय बिता सकते हैं। आप एक गुफा में सोते हैं, एक गुफा में खाते हैं, एक गुफा में एक एपेरिटिवो पीते हैं, और एक गुफा में आधुनिक मूर्तिकला भी देखते हैं। प्राचीन पड़ोस, जिसे सस्सी के नाम से जाना जाता है, चूना पत्थर की एक श्रृंखला है, जो एक घाटी के किनारे पर स्थित है।

मटेरा सबसे अनोखी और शानदार जगहों में से एक है जिसे आप इटली या दुनिया में शायद ही कहीं और देखेंगे।

मटेरा इटली के सांस्कृतिक वैभव और वास्तुकला का एक मॉडल है। मटेरा शहर को 2019 में ‘यूरोपियन कैपिटल ऑफ कल्चर’ के रूप में सम्मानित किया गया है।

लेकिन क्या आप जानते हैं की, एक जमाने में मटेरा अपनी गरीबी के कारण 50 साल पहले इटली के लिए “शर्म का शहर” था।

लेकिन अब यह शहर न केवल पर्यटकों के पसंदीदा शहरों में से एक बन गया है, बल्कि युरोप की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी जाना जाता हैं। यह परिवर्तन कैसे हुआ? चलो पता करते हैं।

 

History of Matera City in Hindi

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1950 के दशक तक, मेटर इटली के लिए शर्म का विषय था, गरीबी, मलेरिया और शिशु मृत्यु दर की उच्च दर का एक स्थान था, जहां लोग बिजली, पानी या सीवेज के बिना गुफाओं में रहते थे। इबोली में कार्लो लेवी की पुस्तक Christ Stopped at Eboli ने यहां रहने वाले लोगों की इस बदतर हालात के बारे में जागरूक किया और 1953 और 1968 के बीच शहर के आधुनिक हिस्से में 30,000 लोगों में से लगभग आधे को नए घरों में स्थानांतरित कर दिया गया।

70 साल पहले, यहां लगभग 15,000 लोग, ज्यादातर किसान और देहाती, अभी भी चूना पत्थर से बने खांचे में रह रहे थे, जो मटेरा के प्रागैतिहासिक युग में वापस आ गए थे: बिना प्राकृतिक प्रकाश, वेंटिलेशन, बहने वाला पानी या बिजली के साथ। रोग, विशेष रूप से मलेरिया, हैजा और टाइफाइड, उग्र था। बिस्तर की जगह बहुत तंग थी, जिसमें बच्चे अपने माता-पिता के साथ गुफाओं में सिकुडकर रहते थे, जो जानबूझकर मुर्गियों के लिए बनी नीचे बनाया गया था। जानवरों को चोरी होने के खतरे के कारण उन्हें वे अपने घर के अंदर ही रखते थे। बड़े परिवार पास्ता या दाल के साथ रोटी का एक साधारण भोजन साझा करने के लिए दिन में एक बार एक छोटी सी मेज के आसपास इकट्ठा होते थे।

राफालो रगेरी कभी इटली का मेयर थे, ने उन्होंने एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि,

“हाँ, हमने अपमान से लेकर गौरव तक की अपनी यात्रा पूरी की है। 1950 में, मेटर को तत्कालीन प्रधान मंत्री अल्काइड डी गस्पारी को यहां के लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था।”

इसकी अहम वजह थी, मटेरा की गरीबी के कारण वहां कभी विकास का काम नहीं हुआ, किसी भी घर में बिजली, पानी जैसी सुविधाएं नहीं थी।

मलेरिया के कारण कई जानें चली गईं। लोगों ने इसे सहन नहीं किया और विरोध किया।

प्रशासन को लोगों के इस आंदोलन का जवाब देना था और तब मटेरा शहर सचमुच बदल गया था।

सरकार ने बहाली के काम में सब्सिडी देकर सस्सी के पुनरुद्धार को प्रोत्साहित किया। कारीगरों ने कार्यशालाओं की स्थापना की, जबकि बार, रेस्तरां और बुटीक होटल शुरू हो गए। 1993 में यूनेस्को का पदनाम और 2004 में मेल गिब्सन द्वारा अभिनीत द पैशन ऑफ द क्राइस्ट के फिल्मांकन ने मटेरा को दुनिया के नक्‍शे पर लाने में मदद की, लेकिन पर्यटन ने वास्तव में 2014 के बाद ही उड़ान भरी, जब शहर को 2019 के लिए युरोप की सांस्कृतीक राजधानी के रूप में सम्मानित किया गया।

मटेरा शहर अब अपनी सुंदर गुफाओं के साथ पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है जो पहले उपेक्षित थे। इन गुफाओं में अब कई सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं।

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मेटर-बेसिलिकाटा फाउंडेशन के निदेशक लगातार कोशिश कर रहे हैं कि मटेरा हर आगंतुक के लिए सुखद अनुभव बना सके।

मटेरा शहर को अब “पश्चिम के यरूशलेम” के रूप में भी जाना जाता है।

क्योंकि, यरुशलम (इज़राइल की राजधानी)को जुड, ईसाइयों और इस्लाम द्वारा अपने धार्मिक स्थलों के रूप में जाना जाता है, इसी तरह से मटेरा यूरोपीय लोगों के लिए जाना जाता है।

मटेरा में “सस्सी” गुफाओं का भी मटेरा शहर के लिए एक अनूठा सामान्य महत्व है। पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार, गुफाएँ लगभग 8000 वर्ष पुरानी हैं।

मटेरा का पर्यटन विभाग लगातार लोगों के लिए नए विचारों की तलाश कर रहा है ताकि वे यहां आकर कुछ समय बिता सकें।

अब तक, गुफाओं ने 300 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों की मेजबानी की है, जिसमें संगीत, खाना पकाने और साहित्य शामिल हैं।

इन घटनाओं में से प्रत्येक में, लोगों को यूरोपीय संस्कृति का परिचय देने और इसके महत्व से अवगत कराने का प्रयास किया जाता है।

यदि आप एक साल का मोटेरा वीजा चाहते हैं, तो शुल्क केवल 22 यूएस डॉलर है। मटेरा के पूरे शहर में 450 किमी का क्षेत्र शामिल है।

एक और कारण है कि मटेरा इतना सुंदर है कि यहां पर बहुत कम प्रदूषण है। कोई ट्रेन नहीं है, कोई हाई स्पीड ट्रेन नहीं है, कोई एयरपोर्ट नहीं है।

इसलिए जब आप वहां जाते हैं, तो लोग वहां की शांति से प्यार करते हैं।

और लेखक, संगीतकार, मूर्तिकार जैसे रचनात्मक लोग वहां जाते हैं और शहर के शोर से दूर अपनी कला और ‘आधी-अधूरी कहानी’ को पूरा करते हैं।

मटेरा में कई फिल्मों की शूटिंग भी हुई है। 2004 में मेल गिब्सन की “द पैशन ऑफ क्राइस्ट” को यहां मटेरा में शूट किया गया था, जिसने मटेरा को दुनिया के नक्‍शे पर ला दिया।

मटेरा शहर को संवारने के लिए फ्रांस के एक हेरिटेज एक्सपर्ट एरियन ब्यूउ से भी मदद मांगी गई।

मटेरा को उनके द्वारा सुझाए गए परिवर्तनों को लागू करने के लिए 1993 से यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में जाना जाता है।

एरियन बेओउ ने एक नारा लगाया: “मटेरा यूरोप को बुला रहा है और यूरोप मटेरा को बुला रहा है”।

इसका मतलब है,

अगर आप यूरोप जाते हैं और आपने मटेरा को नहीं देखा, तो आपने क्या देखा?

एक शहर को सांस्कृतिक राजधानी में बदलने की चुनौतियों में से एक सही पर्यटन मॉडल चुनना था।

एक बार जब पर्यटक आने लगते तो ऐसा दिखाई देता की, लोग अपने घर का नूतनीकरण करने लगते और पर्यटकों के लिए आवास प्रदान करके आय का एक स्रोत बनाता है।

इसलिए, शहर की पहचान जो घरों की संरचना के लिए जानी जाती है गायब हो रही है।

और कुछ ही दिनों में, मटेरा वेनिस की तरह सिर्फ एक हलचल वाला शहर नहीं होना चाहिए, इसलिए अनुभवी लोग शहर के धीमे पर्यटन के लिए भी तैयार हैं।

आपको लोअर मटेरा में 150 चट्टानों के चर्च में जाना चाहिए। इस क्षेत्र में, अपने घर और संपत्ति को एक पर्यटन होटल में बदलने की एक प्रतियोगिता है।

कई होटलों ने पर्यटकों की सुविधा के लिए वेस्पा और तीन पहियों वाले रिक्शा की पेशकश शुरू कर दी है।

 

वीटो कूसियाना, 27 वर्षीय व्यवसायी ने टिप्पणी की:

“मेरे दादा 90 साल के हैं। वे सस्सी गुफाओं में रहकर खेती करते थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी ऐतिहासिक जगह में भी, वाईफाई, जैकुजी जैसी चीजें जनता के लिए उपलब्ध होंगी। ”

हम मटेरा की कहानी से सीख सकते हैं कि किसी भी जगह का नवनिर्माण करने के लिए सर्वसम्मति का नेतृत्व और अपने देश के लिए कुछ करने की इच्‍छाशक्‍ती वाले लोग चाहिए होते हैं।

क्योंकि, पूरी दुनिया में सांस्कृतिक इमारतें तो बहुत हैं। लेकिन बहुत कम लोगों के पास उन्हें दुनिया में लाने का विजन है।

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